नई दिल्ली – संसद के मानसून सत्र के दौरान बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष का विरोध सोमवार को और तेज हो गया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि इंडिया गठबंधन के सांसदों को चुनाव आयोग में ज्ञापन देने से रोका गया, जिससे विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है।
खड़गे का संसद में आरोप
राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने कहा:
“आज इंडिया गठबंधन के सांसद चुनाव आयोग को ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन हमें रोक दिया गया और चुनाव आयोग से मिलने नहीं दिया गया।”
सदन में बढ़ा हंगामा
खड़गे की बात पर राज्यसभा में हंगामा शुरू हो गया। इस पर केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आपत्ति जताते हुए कहा:
“चर्चा मणिपुर विधेयक पर हो रही है, और इससे इतर कोई बात रिकॉर्ड में नहीं जानी चाहिए।”
इसके बाद खड़गे का माइक बंद कर दिया गया, जिस पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
कांग्रेस का आरोप: “विपक्ष की आवाज कुचली जा रही है”
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर राज्यसभा की कार्यवाही का वीडियो साझा करते हुए लिखा:
“खड़गे जी अपनी बात कहने के लिए खड़े हुए, लेकिन जेपी नड्डा ने कहा- कुछ भी रिकॉर्ड में नहीं जाएगा। खड़गे का माइक बंद कर दिया गया। भाजपा इस तरह विपक्ष की आवाज को कुचल रही है।”
क्या है पूरा मामला?
इंडिया गठबंधन के सांसदों ने सोमवार को बिहार में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ के आरोप को लेकर संसद भवन से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला।
- मार्च को दिल्ली पुलिस ने रोकने की कोशिश की, जिससे विपक्षी सांसदों ने विरोध और नारेबाज़ी शुरू कर दी।
- इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया, जिनमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, संजय राउत सहित अन्य शामिल थे।
🛑 स्थिति लगातार राजनीतिक रूप से गर्म होती जा रही है, जहां एक ओर विपक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है, वहीं सत्ता पक्ष इसे राजनीतिक नौटंकी बता रहा है। संसद का मानसून सत्र अभी जारी है और आने वाले दिनों में और तीखे टकराव की संभावना है।